संदेश

जनवरी, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

मेडूसा: एक पुजारिन, एक स्त्री और एक अन्याय की अमर कथा

मेडूसा: एक पुजारिन, एक स्त्री और एक अन्याय की अमर कथा ग्रीक मिथकों में कुछ कहानियाँ राक्षसों के बारे में नहीं होतीं, वे कहानियाँ होती हैं — राक्षस बना दी गई स्त्रियों की। मेडूसा ऐसी ही एक कहानी है। क्यों बनी मेडूसा पुजारिन मेडूसा जन्म से राक्षसी नहीं थी। वह एक साधारण, लेकिन असाधारण सौंदर्य वाली स्त्री थी। उसका मन शांत था, स्वभाव कोमल और आत्मा पवित्र। वह देवी एथेना (Athena) की भक्त थी — ज्ञान, बुद्धि और पवित्रता की देवी। एथेना का मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं था, वह मर्यादा, संयम और आत्मनियंत्रण का प्रतीक था। मेडूसा ने स्वेच्छा से अपना जीवन उसी देवी को समर्पित किया और वह पुजारिन बनी। पुजारिन बनना उसके लिए सम्मान था, लेकिन साथ ही एक कठोर नियम भी — जीवन भर संयम और पवित्रता। मेडूसा का सौंदर्य मेडूसा का सौंदर्य केवल बाहरी नहीं था, लेकिन उसकी सुंदरता की चर्चा पूरे ग्रीस में थी। उसकी आँखें गहरी और चमकदार थीं, जैसे समुद्र की लहरों में छिपा आसमान। उसकी नाक संतुलित और कोमल थी, चेहरा ऐसा जैसे किसी मूर्तिकार ने ध्यान से गढ़ा हो। उसके बाल — लंबे, घने और चमकदार। जब हवा उन्हें छूती, तो लगता जैसे रेशम...

Budapest Memorandum explained

 🇺🇦 यूक्रेन ही रहेगा परमाणु हथियार, वैश्विक राजनीति और भरोसे के टूटने की कहानी ✍️ लेखक परिचय मेरा नाम ईश्वर भारती है। मैं एक YouTuber और Blogger हूँ। मैं बड़ी-बड़ी भाषा में नहीं, बल्कि आसान शब्दों में गंभीर सच्चाई लिखता हूँ। मेरा मानना है कि अगर आम आदमी दुनिया की राजनीति समझने लगे, तो झूठ ज्यादा दिन नहीं टिक सकता। 🔎 भूमिका रूस-यूक्रेन युद्ध को अगर सिर्फ दो देशों की लड़ाई समझा जाए, तो यह बहुत बड़ी भूल होगी। असल में यह कहानी है: परमाणु हथियारों की अंतरराष्ट्रीय भरोसे की और बड़ी शक्तियों की दोहरी नीति की इस पूरी कहानी के केंद्र में एक सवाल है — यूक्रेन से परमाणु हथियार क्यों छुड़वाए गए? ☢️ यूक्रेन के पास परमाणु हथियार कैसे आए? 1991 में सोवियत संघ टूट गया। उसके बाद जो नए देश बने, उनमें यूक्रेन भी शामिल था। सोवियत संघ के समय जो परमाणु हथियार यूक्रेन की ज़मीन पर रखे थे, वो अचानक यूक्रेन के हिस्से में आ गए। इस तरह: यूक्रेन दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी परमाणु शक्ति बन गया अमेरिका और रूस के बाद हालाँकि यह भी सच था कि: हथियार यूक्रेन में थे लेकिन तकनीकी नियंत्रण पूरी तरह यूक्रेन के हाथ म...